Saturday, May 25, 2024
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उत्तराखंड: सूदखोरों के जाल में फंसकर जान दे रहे लोग

उत्तराखंड में पहाड़ से मैदान तक सूदखोरों ने ऐसा जाल बिछाया है कि इसमें जो फंसा उसका बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। चक्रवृद्धि ब्याज के फंदे में फंसे पीड़ित कई गुना अधिक सूद चुकाने में असमर्थ हो जाते हैं। इनमें से कुछ तो तनाव में आकर खुदकुशी तक कर लेते हैं। ऐसे तमाम मामले पुलिस के दस्तावेजों में दर्ज हैं।

कर्ज के एवज में जेवर और कीमती सामान गिरवी रखने वाले ये सूदखोर ब्याज वसूलने के लिए प्रताड़ना की सारे हदें लांघ जाते हैं। अंतत: पीड़ित को मरने के सिवा कोई विकल्प नजर नहीं आता। बीती 30 अक्टूबर को ही देवपुर देवका कमलुवागांजा निवासी 31 वर्षीय विनय पाण्डे पुत्र रमेश चन्द्र पाण्डे ने जहर खाकर जान दे दी। उसने बच्चीनगर निवासी हेमन्त बिष्ट पुत्र बहादुर बिष्ट से ब्याज पर पैसे लिए थे। मूल रकम देने के बाद भी विनय की नई स्कूटी हेमंत छीन ले गया। विनय ने स्कूटी 10 अक्टूबर को खरीदी थी। अब जिलाधिकारी वंदना ने सूदखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने का दावा किया है। तराई विहार निवासी एक व्यक्ति ने ट्रांजिट कैंप थाने में मुकदमा दर्ज कराया। उसका कहना था कि उसने आवास विकास निवासी एक व्यक्ति से सितंबर 2021 में 53000 रुपये लिए थे। मूलधन के साथ हजारों रुपये ब्याज लौटाया, लेकिन मूलधन नहीं चुका। सूदखोर उसे अपने कार्यालय में ले गया। वहां निर्वस्त्र कर उसे पीटा और नागिन डांस कराया। सूदखोरों ने नागिन डांस का वीडियो भी बनाया और फिर ये वीडियो वायरल कर दिया।

ये मामला रुद्रपुर का है। आनंद विहार कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने ट्रांजिट कैंप थाने में तहरीर दी और कहा कि उसने एक व्यक्ति से 257000 रुपये लिए थे। बदले में 19 बैंकों के चेक, पत्नी के सोने के जेवर और कार सूदखोर के पास गिरवी रखी। सूदखोर 317300 रुपये वसूल चुका था, लेकिन और 548000 रुपये मांग कर रहा था। मामले में सूदखोर और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा हुआ। पुलिस गिरफ्तारी के लिए निकली तो आरोपियों ने सीओ को कुचलने की कोशिश की थी। हालांकि सूदखोर और उसके एक साथी को धर दबोचा गया।

यह मामला 7 सितंबर 2019 का है। नारायणनगर ऊधमसिंहनगर निवासी एक महिला ने आईटीआई थाने में तहरीर देकर बताया कि उसके पति ने चार साल पहले एक व्यक्ति से 20 हजार रुपये दस रुपये सैकड़े ब्याज पर उधार लिए थे। धर्मेंद्र ने इस रकम पर 50 हजार रुपये ब्याज और 20 हजार का मूलधन चुकता कर दिया। इसके बाद भी सूदखोर ने उस पर डेढ़ लाख रुपया बकाया निकाल दिया। वह चेक और स्टांप के आधार पर कार्रवाई करने की धमकी देने लगा। तब तनाव में धर्मेंद्र ने आत्महत्या कर ली।

काशीपुर की मदर कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने 22 अगस्त 2021 को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। ये व्यक्ति भी सूदखोर के उत्पीड़न का शिकार था। खुदकुशी से पहले उसने एक वीडियो बनाया और सूदखोर के उत्पीड़न की कहानी बयां की। इसके बाद उसने जान दे दी। वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस हरकत में आई और मुकदमा दर्ज किया।

रुद्रपुर की पहाड़गंज कालोनी निवासी मोटर मैकेनिक ने सूदखोरों से एक लाख रुपये उधार लिए थे। ब्याज न चुका पाने पर सूदखोर उसका मकान अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। तंग आकर मकैनिक ने 24 मई 2021 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसी तरह हल्द्वानी के कठघरिया स्थित एक होटल में 13 अप्रैल 2021 को भीमताल निवासी एक ठेकेदार ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। ठेकेदार भी सूदखोर से कर्ज लेकर फंस गया था और सूदखोर उसे परेशान कर रहे थे। पिथौरागढ़ निवासी एक व्यक्ति ने सूदखोरों ने 10 लाख रुपये कर्ज लिया था। इस कर्ज के एवज में वह 10 प्रतिशत का ब्याज भर रहा था। लगातार पैसे देने के बावजूद कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा था। यह व्यक्ति 10 लाख रुपये के एवज में सूदखोरों को 40 लाख रुपये दे चुका था। फिर भी मूलधन वहीं का वहीं बना रहा। डर कर पीड़ित पिथौरागढ़ छोड़कर कहीं भाग गया। उसने 11 मई 2020 को पांच लोगों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की।

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