Mar 20, 2026

केदारनाथ मंदिर में अखंड ज्योति और महाभिषेक की नई दरें घोषित, यात्रा 2026 से पूर्व बड़ी घोषणा

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देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा 2026 से पहले श्रद्धालुओं के लिए एक अहम बदलाव सामने आया है। केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में विशेष पूजा कराने के लिए अब पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने पूजा शुल्क में बढ़ोतरी करते हुए नई दरें तय कर दी हैं, जो आगामी यात्रा सीजन से प्रभावी होंगी।

बीकेटीसी की हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के अनुसार, हर वर्ष की तरह इस बार भी विशेष पूजा और आरती के शुल्क की समीक्षा के बाद नई दरें निर्धारित की गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों धामों में सामान्य दर्शन पूरी तरह निशुल्क रहेंगे और केवल विशेष पूजा, आरती व धार्मिक अनुष्ठानों के लिए ही शुल्क लिया जाएगा। बदरीनाथ धाम में कई प्रमुख पूजाओं की दरों में वृद्धि की गई है। महाभिषेक का शुल्क 4700 से बढ़ाकर 5500 रुपये, अभिषेक 4500 से 5300 रुपये और खीर भोग 1001 से 2100 रुपये कर दिया गया है। वहीं, श्रीमद भागवत कथा के शुल्क में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी करते हुए इसे 51 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा स्वर्ण आरती, चांदी आरती, कूपर आरती और महाभोग जैसी सेवाओं के शुल्क में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। उधर, केदारनाथ धाम में भी विशेष पूजाओं की दरों में वृद्धि की गई है। महाभिषेक 9500 से बढ़कर 11,500 रुपये, रुद्राभिषेक 7200 से 7500 रुपये और लघु रुद्राभिषेक 6100 से 7100 रुपये कर दिया गया है। दिनभर की विशेष पूजा के लिए अब श्रद्धालुओं को 28,600 रुपये के बजाय 51 हजार रुपये चुकाने होंगे। इसके अलावा अखंड ज्योति, कपूर आरती और अन्य पूजाओं की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। बीकेटीसी के अनुसार, बदरीनाथ धाम में 37 और केदारनाथ धाम में 46 प्रकार की विशेष पूजाएं कराई जाती हैं, जिनके लिए पूर्व बुकिंग आवश्यक है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इन धामों में दर्शन के साथ विशेष पूजा-अर्चना भी करते हैं। नई दरों के लागू होने से जहां मंदिर समिति की आय में बढ़ोतरी होगी, वहीं श्रद्धालुओं को अब पूजा के लिए अधिक खर्च करना पड़ेगा।