Monday, February 6, 2023
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विधानसभा चुनावः कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने के लिए उत्तराखण्ड में बहुत जल्द चुनावी रैलियां कर सकते हैं राहुल और प्रियंका गांधी

देहरादून। उत्तराखण्ड में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में राजनीतिक पार्टियां चुनाव माहौल अपने पक्ष में बनाने के लिए जी-तोड़ मेहनत में जुटे हुए हैं। भाजपा के स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 4 दिसम्बर को उत्तराखण्ड में जनसभा करने वाले हैं इसको लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी देहरादून में जनसभा करेंगे, इसके बाद इसी माह में वह कुमाऊं मण्डल में भी जनसभा कर सकते हैं। वहीं भाजपा के साथ ही कांग्रेस का चुनाव प्रचार अभियान भी जोर-शोर से चल रहा है। हांलाकि अभीतक कांग्रेस का कोई बड़ा नेता यहां नहीं पहुंचा। लेकिन सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी की जनसभा के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी उत्तराखण्ड में चुनावी रैलियां कर सकते हैं। एक सम्मेलन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की मानें तो राहुल और प्रियंका की रैली आयोजित करने के लिए पार्टी शीघ्र ही अपनी कोर कमेटी की बैठक बुलाएगी जिसमें कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस दौरान रावत ने कहा कि कांग्रेस की आगामी चुनावों में जीत को देखते हुए अपनी हार के डर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने देवस्थानम बोर्ड को भंग करने का फैसला किया है। चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों के लंबे समय से चले आ रहे आंदोलन के आगे झुकते हुए सोमवार को राज्य में पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने दो साल पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत द्वारा लाए गए देवस्थानम बोर्ड अधिनियम को वापस ले लिया। रावत ने भाजपा पर लगातार ‘उत्तराखंड और उत्तराखंडियत’ का अपमान करने का भी आरोप लगाया और कहा कि इसी कड़ी में अब उसने ‘ठंड के डर’ से गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र का स्थान देहरादून कर दिया है। देहरादून में नौ और 10 दिसंबर को दो दिवसीय विधानसभा सत्र होगा। उन्होंने कहा, हमारे ज्यादातार लोग भीषण ठंड वाले इलाकों में रहते हैं और यह उनका अपमान है। विधानसभा सत्र को गैरसैंण की जगह देहरादून में करना उत्तराखंड के लोगों का अपमान है। कहा कि पार्टी ने तय किया है कि उसके चुनाव प्रचार का फोकस मंडुआ, गन्ना और शिल्पकला पर होगा। उन्होंने कहा कि मंडुआ पर्वतीय क्षेत्रों में पैदा होने वाली फसल का प्रतीकचिन्ह है, जबकि गन्ना मैदानी क्षेत्र का और इसी तरह शिल्पकला उत्तराखंड की परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इन तीनों चीजों को मुद्दा बनाते हुए पार्टी ने अपना प्रचार अभियान शुरू कर दिया है और इस महीने इसे और तेज कर दिया जाएगा।

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