Monday, April 15, 2024
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हरिद्वार लोकसभा सीट पर भाजपा हैट्रिक लगाएगी या कांग्रेस दोहराएगी 15 साल पुराना इतिहास

गंगा तीर्थ, चारधाम यात्रा, महाकुंभ, शक्तिपीठ मां मनसा देवी-चंडी देवी, हरकी पैड़ी और भेल के साथ-साथ योग-आयुर्वेद और अध्यात्म नगरी के तौर पर दुनियाभर में पहचान रखने वाले हरिद्वार की लोकसभा में चुनावी शोरगुल अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। यह लोकसभा सीट यूं तो कई मायने में जुदा है लेकिन यूपी से मिलती सीमाएं, राजनीतिक समीकरण, भाजपा-कांग्रेस के बीच खींचतान इसे अलग बनाती है। इस बार प्रदेश में सबसे ज्यादा मतदाताओं वाली इस सीट पर मुकाबला काफी रोचक है। कुल 14 प्रत्याशी मैदान में हैं।

भाजपा ने जहां अपने अनुभवी व पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस ने युवा चेहरे के तौर पर वीरेंद्र रावत पर दांव लगाया है। 1977 से लेकर 2019 तक इस सीट पर भाजपा सर्वाधिक छह बार, एक बार बीएलडी, एक बार जेएनपी-एस और एक बार समाजवादी पार्टी जीत दर्ज कर चुकी है। आखिरी बार कांग्रेस ने 2009 में यहां जीत दर्ज की थी। अब सवाल ये है कि क्या भाजपा इस बार यहां जीत की हैट्रिक लगाएगी या कांग्रेस 15 साल पुराना इतिहास दोहराएगी। हरिद्वार लोकसभा सीट के अंतर्गत 14 विधानसभा आती हैं। इनमें 11 हरिद्वार जिले की और तीन देहरादून जिले की हैं। हरिद्वार की 11 में से तीन विधानसभा सीटों पर भाजपा, पांच पर कांग्रेस, दो पर बसपा व एक पर निर्दलीय का कब्जा है। वहीं, देहरादून जिले की धर्मपुर, डोईवाला और ऋषिकेश सीटों पर भाजपा के विधायक हैं। भाजपा ने लगातार दो चुनावों में 50 प्रतिशत से ऊपर वोट हासिल कर सांसद बने डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के बजाए इस बार पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को मैदान में उतारा है। वहीं, मैदानी लोकसभा की जंग में कांग्रेस ने 2009 में यहां से सांसद रहे राज्य के पूर्व सीएम हरीश रावत के पुत्र वीरेंद्र रावत पर दांव खेला है। हरीश रावत की पत्नी रेणुका रावत इस लोकसभा से 2014 का चुनाव हार चुकी हैं। उनके पास 15 साल पुराना इतिहास दोहराने की चुनौती है।

प्रमुख मुद्दे
-ऊर्जा प्रदेश होने के बावजूद हरिद्वार में लगातार होने वाली बिजली कटौती ने आम जनता के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र भी प्रभावित।
-प्रदूषण की दृष्टि से भी हरिद्वार के लिए चुनौतीपूर्ण हालात। यहां सीवरेज व्यवस्था ठीक न होने के कारण गंगा में प्रदूषण तो फैल ही रहा है, इसके अलावा तमाम औद्योगिक इकाइयां भूगर्भ जल को भी प्रदूषित कर रही हैं। वायु व ध्वनि प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है।
-स्थानीय मुद्दे गंगा में प्रदूषण और अवैध खनन के खिलाफ गंगा रक्षा आंदोलन, राममंदिर आंदोलन, अधूरा हाईवे, गन्ना किसानों का बकाया भुगतान, बाढ़ग्रस्त इलाकों की सुरक्षा का ठोस बंदोबस्त का न होना।

किस चुनाव में हरिद्वार सीट पर किसका रहा कब्जा
आम चुनाव विजेता पार्टी
1977 भगवान दास बीएलडी
1980 जगपाल सिंह जेएनपी-एस
1984 सुंदर लाल कांग्रेस
1989 जगपाल सिंह कांग्रेस
1991 राम सिंह भाजपा
1996 हरपाल साथी भाजपा
1998 हरपाल साथी भाजपा
1999 हरपाल साथी भाजपा
2004 राजेंद्र कुमार सपा
2009 हरीश रावत कांग्रेस
2014 डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक भाजपा
2019 डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक भाजपा

हरिद्वार लोकसभा से जुड़ीं रोचक बातें
-1977 से पहले यह क्षेत्र बिजनौर लोकसभा सीट के अंतर्गत आता था।
-1977 में पहली बार हरिद्वार लोकसभा अस्तित्व में आई थी।
-1989 में यहां बसपा सुप्रीमो मायावती ने चुनाव लड़ा था, जहां से हार के बावजूद उनका राजनीतिक कॅरियर बनता चला गया।
-हरिद्वार लोकसभा में अब तक 12 आम चुनाव हुए। इनमें से छह बार भाजपा, तीन बार कांग्रेस, एक बार बीएलडी, एक बार जेएनपी-एस और एक बार समाजवादी पार्टी जीत दर्ज कर चुकी है।

राज्य बनने के बाद चार परिणाम
2004
भाजपा- 117979(24.25 प्रतिशत)
कांग्रेस- 76001(15.72 प्रतिशत)
अन्य- 50.13 प्रतिशत

2009
भाजपा- 204823(25.99 प्रतिशत)
कांग्रेस- 332235(42.16 प्रतिशत)
अन्य- 31.85 प्रतिशत

2014
भाजपा- 592320(50.38 प्रतिशत)
कांग्रेस- 414498(35.25 प्रतिशत)
अन्य- 14.37 प्रतिशत

2019
भाजपा- 665674(52.28 प्रतिशत)
कांग्रेस- 406945(31.96 प्रतिशत)
अन्य- 15.76 प्रतिशत

बसपा सुप्रीमो मायावती ने बसपा के टिकट पर हरिद्वार लोकसभा सीट से 1989 में चुनाव लड़ा। इस चुनाव में वह 22.63 प्रतिशत मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इसके बाद उन्होंने 1991 में दोबारा चुनाव लड़ा। यहां वह 4.28 प्रतिशत मतों के साथ चौथे स्थान पर चली गईं। 1996 में बसपा ने यहां प्रत्याशी बदला। बसपा के इलम सिंह वैसे तो तीसरे स्थान पर रहे लेकिन मत प्रतिशत बढ़कर 25.85 प्रतिशत पर पहुंच गया। राज्य बनने से पहले बसपा को 1998 के लोकसभा चुनाव में हरिद्वार में 24.24 प्रतिशत, 1999 में बसपा को 30.59 प्रतिशत, 2004 में बसपा को 24.60 प्रतिशत, 2009 में 23.01 प्रतिशत, 2014 में 9.67 प्रतिशत, 2019 में 13.63 प्रतिशत वोट मिले थे। हरिद्वार लोकसभा सीट में कुल मतदाताओं की बात करें तो करीब 27 प्रतिशत मुस्लिम, 24 प्रतिशत ठाकुर, 22 प्रतिशत ब्राह्मण और 22 प्रतिशत एससी-एसटी व पांच प्रतिशत अन्य हैं।

हरिद्वार लोकसभा सीट के बारे में
20,35,726 कुल मतदाता हैं
10,70,828 पुरुष मतदाता हैं
9,64,739 महिला मतदाता हैं
159 ट्रांसजेडर मतदाता हैं
5746 सर्विस मतदाता हैं
2319 पोलिंग स्टेशन हैं
हरिद्वार लोकसभा के अंतर्गत 14 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें से छह सीटें भाजपा, पांच कांग्रेस, दो बसपा के पास हैं। एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी विधायक है।

लोकसभा चुनाव: तैयारियां तेज, उत्तराखंड में मतदाताओं तक पहुंचीं 60 लाख 20 हजार वोटर स्लिप

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उत्तराखंड के सभी मतदाताओं तक वोटर स्लिप पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। प्रदेश के सभी जिलों में 83 लाख 35 हजार वोटर स्लिप बीएलओ को उपलब्ध कराए गए हैं। इस संबंध में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने कहा, प्रदेश में मतदाताओं तक 60 लाख 20 हजार वोटर स्लिप पहुंच चुकी हैं। बीएलओ को 83 लाख 35 हजार वोटर स्लिप उपलब्ध कराए गए हैं। सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में मीडिया से वार्ता में उन्होंने कहा, निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाताओं तक कुछ आवश्यक दस्तावेजों को पंहुचाने का कार्य मतदान से पूर्व किया जाना आवश्यक होता है। राज्य के सभी मतदाताओं तक वोटर स्लिप पहुंचाने का काम चल रहा है। सभी जिलों में 83 लाख 35 हजार वोटर स्लिप बीएलओ को उपलब्ध कराए गए हैं। अभी तक 60 लाख 20 हजार वोटर स्लिप मतदाताओं तक पहुंच चुकी हैं। उन्होंने कहा, यह कार्यवाही 14 अप्रैल 2024 तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। वोटर स्लिप के माध्यम से मतदाताओं को अपने बूथ की संख्या, निर्वाचक नामावली में क्रम संख्या की जानकारी मिल जाती है। नेशनल वोटर सर्च पोर्टल पर सर्च कर भी अपने बूथ और क्रम संख्या की जानकारी ली जा सकती है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा, राज्य में तीन लाख 90 हजार एपिक कार्ड वितरण का कार्य अवशेष था, उसमें तीन लाख 63 हजार का वितरण कर लिया गया है। कहा अगले दो दिनों में वोटर स्लिप के साथ-साथ अवशेष एपिक कार्ड के वितरण की कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। हर मतदाता परिवार को वोटर गाइड भी उपलब्ध कराई जा रही है। 19 लाख 33 हजार परिवारों को वोटर गाइड उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। कहा, अभी तक 13 लाख 54 हजार परिवारों को वोटर गाइड उपलब्ध कराई जा चुकी है।

 

सीएम का अलग अंदाज! मॉर्निंग वॉक पर निकले धामी, बुजुर्गों को पीएम का पहुंचाया संदेश

जनपद जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुबह की सैर के दौरान स्थानीय लोगों से मुलाकात की। उनका हाल चाल पूछा और बड़े बुजुर्गों तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रणाम और राम-राम पहुंचाया। मुख्यमंत्री ने लोगों से लोकसभा चुनाव में अनिवार्य रूप से मतदान करने का आग्रह भी किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी पार्टी कार्यकर्ताओं को कोई कार्य सौंपते हैं तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद अगुवाई करके उस कार्य को अंजाम तक पहुंचाने में जुट जाते हैं। बीते गुरुवार को ऋषिकेश में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत अनुरोध किया था। वह अनुरोध था, घर-घर जाकर बड़े बुजुर्गों को मोदी का प्रणाम और राम-राम कहना। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा था कि बड़ों का अशीर्वाद मेरे लिए ऊर्जा है। साथ ही नवरात्र का पर्व चल रहा है, उत्तराखंड में देवी-देवताओं की महिमा होती है। अपने-अपने क्षेत्र के देवी-देवताओं के मंदिरों में जाकर मेरी तरफ से प्रणाम करना है।
ऋषिकेश की जनसभा के समापन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे खटीमा पहुंचे, जहां उन्होंने एक कार्यक्रम में भाग लिया। आज सुबह खटीमा में सैर के दौरान मुख्यमंत्री धामी राह चलते कई लोगों से मिले। खासतौर पर बड़े बुजुर्गों से मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपको प्रणाम और राम-राम कहा है। इस दौरान उन्होंने मोदी के उत्तराखंड से विशेष लगाव और जुड़ाव को लेकर भी लोगों से चर्चा की। जनता ने भी प्रधानमंत्री मोदी के प्रणाम को सहर्ष से स्वीकार कर मुख्यमंत्री धामी को आशीष दिया।

सैन्य सम्मान से हुआ प्रदीप का अंतिम संस्कार! लोगों ने नम आंखों से दी विदाई,एक झलक के लिए उमड़ी भीड़

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लोहाघाट के खेतीखान तपनीपाल निवासी भारतीय सेना के आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात सैनिक प्रदीप बोहरा का पार्थिव शरीर उसके घर पहुंचा। जहां सैन्य सम्मान के साथ सैनिक का अंतिम संस्कार किया गया। सैनिक का पार्थिव शरीर उसके घर पहुंचते ही मातम पसर गया। खेतीखान तपनीपाल निवासी आर्टिलरी रेजिमेंट बाड़मेर राजस्थान में तैनात सैनिक प्रदीप बोहरा विगत शुक्रवार को बाड़मेर राजस्थान से छुट्टी लेकर ट्रेन से घर लौट रहे थे, इसी दौरान चूरू राजस्थान में चलती ट्रेन से पैर फिसलने से प्रदीप का निधन हो गया। सोमवार सुबह करीब 10 बजे तिरंगे से लिपटा प्रदीप का पार्थिव शरीर उसके गांव तपनीपाल पहुंचा। जहां परिजन सैनिक प्रदीप के शव से लिपट गए। पूरा क्षेत्र शोक की लहर में डूब गया। प्रदीप का अंतिम संस्कार क्षेत्र के गुप्तेश्वर श्मशान घाट में किया गया। जहां पिथौरागढ़ से आई सेना की टुकड़ी ने सिपाही प्रदीप को अंतिम सलामी दी। सैनिक के चाचा केशव बोहरा ने चिता को मुखाग्नि दी। प्रदीप के निधन के बाद पिता प्रताप सिंह, माता आनंदी देवी, पत्नी मीना देवी, पुत्र दीपांशु व गोलू व भाई अभिषेक अपनी सुधबुध खोए हुए हैं। अंतिम संस्कार में विधायक खुशाल सिंह अधिकारी, पूर्व विधायक पूरन सिंह फत्र्याल, सतीश पांडेय, ग्राम प्रधान भरत बोहरा, बबलू देऊ आदि तमाम लोग शामिल रहे।

 

उत्‍तराखंड में कांग्रेस को जोर का झटका! पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल ने थामा भाजपा का दामन

लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस को अलविदा कहने वाले पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल ने रविवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत अन्य नेताओं ने अग्रवाल का भाजपा में स्वागत किया। बता दें कि पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता दिनेश अग्रवाल ने शनिवार को पार्टी से त्यागपत्र दे दिया था। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा को भेजा। रविवार को वह भाजपा में शामिल हो गए हैं।

दिनेश अग्रवाल की गिनती कांग्रेस की विचारधारा से गहरे जुड़े नेताओं में होती रही है। वह तीन बार विधायक तो रहे ही, कांग्रेस की एनडी सरकार और हरीश रावत सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं। गत दिन पार्टी की ओर से जारी 40 स्टार प्रचारकों की सूची में उन्हें भी स्थान दिया गया। यह सूची जारी होने के एक दिन बाद ही दिनेश अग्रवाल ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने विपक्ष के उन बयानों पर पलटवार किया है, जिनमें दागियों को भाजपा में शामिल कराने की बात कही गई है। भट्ट ने कहा कि भाजपा में शामिल होते ही कांग्रेस समेत विपक्ष को अपने साथी दागी नजर आने लगते हैं। उन्होंने कहा कि कोई दागी है या नहीं, इसका निर्णय न्यायालय करता है, भाजपा तो सभी को संस्कारवान व विचारवान बनाती है। भट्ट ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में यह भी कहा कि अग्निवीर भर्ती के मामले में भी कांग्रेस भ्रम फैलाकर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। अग्निवीर भर्ती को लेकर राज्य के युवाओं में उत्साह है, जो भर्ती रैलियों में नजर आता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि जैसे-जैसे योजना आगे बढ़ेगी, इसके सुखद परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि जहां तक प्रश्न कांग्रेस के सत्ता में आने पर इस योजना को वापस लेने के वादे का है तो यह कभी संभव नहीं है, क्योंकि कांग्रेस दूर-दूर तक सत्ता में नहीं आने वाली। उन्होंने कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल गारंटियों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी जानती है कि गारंटी केवल मोदी की है।

मुख्यमंत्री धामी ने थत्यूड़ में की रैली! लोकसभा प्रत्याशी माला राज्य लक्ष्मी शाह के लिए मांगा समर्थन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थत्यूड़ में रैली कर टिहरी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी माला राज्य लक्ष्मी शाह के लिए समर्थन मांगा। वहीं दूसरी तरफ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हरिद्वार में त्रिवेंद्र सिंह रावत के समर्थन में रोड शो किया। वहीं उत्तराखंड गढ़वाल क्षेत्र की तीन लोकसभा सीटों पर चुनाव प्रचार गरमाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएंगे। 12 अप्रैल को ऋषिकेश में उनकी चुनावी रैली हो सकती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 अप्रैल को श्रीनगर, किच्छा और रुड़की में चुनावी रैली करेंगे। प्रदेश में लोकसभा चुनाव का प्रचार जोर पकड़ने लगा है। भाजपा के स्टार प्रचारक और दिग्गज नेता चुनाव रण में उतरने लगे हैं। पीएम मोदी ने ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में बीते दिनों चुनावी रैली की। प्रधानमंत्री मोदी गढ़वाल की तीन लोकसभा सीट पौड़ी, टिहरी व हरिद्वार में प्रचार गरमाने के लिए 12 अप्रैल को ऋषिकेश में चुनावी रैली कर सकते हैं। जबकि 11 अप्रैल को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ श्रीनगर, किच्छा व रुड़की में चुनाव प्रचार करेंगे।

लोकसभा चुनाव 2024: पहाड़ नहीं चढ़ पाया आज तक हाथी! 25 हजार मतों पर ही सिमटे प्रत्याशी

लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी हमेशा से ही पहाड़ में अपने प्रत्याशी खड़ी करती आई है, लेकिन आज तक हाथी पहाड़ नहीं चढ़ पाया। स्थिति ये रही कि बसपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भी 2014 के लोकसभा चुनावों में 25 हजारत मतों पर सिमटकर रह गए थे।

वहीं इस बार चुनाव में पहली बार बसपा ने सीमांत जनपद के दूरस्थ क्षेत्र के प्रत्याशी पर अपना विश्वास जताया है। उत्तराखंड बनने के बाद बसपा लोकसभा हो या विधानसभा चुनाव, प्रदेश में अपनी पैठ बनाने की कोशिश करती रहती है। विधानसभा चुनाव में प्रदेश के मैदानी जिले हरिद्वार से एक बार बसपा को सफलता भी मिली, लेकिन लोकसभा चुनाव में पहाड़ में बसपा के वोट हर बार घटते रहे। बसपा ने वर्ष 2004 में टिहरी लोकसभा से प्रत्याशी मैदान में उतारा, लेकिन उन्होंने नाम वापस ले लिया था। इसके बाद वर्ष 2009 में भाजपा से बगावत कर मुन्ना सिंह चौहान वर्ष 2009 में बसपा के चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरे। जिन्हें जौनसार पृष्ठभूमि और देहरादून जिले के नाते करीब 90 हजार के आसपास मत मिले। उसके बाद वर्ष 2014 में टिहरी लोकसभा सीट पर बसपा से वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष शीशपाल चौधरी ने चुनाव लड़ा, लेकिन वह 25 हजार मतों पर अटक गए थे। बसपा ने फिर वर्ष 2019 में तत्कालीन देहरादून के जिलाध्यक्ष सत्यपाल को मैदान में उतारा, जो 15 हजार मत पर अटक गए। अब वर्तमान में बसपा ने मैदानी इलाकों को छोड़ सीमांत जनपद उत्तरकाशी के पुरोला विधानसभा से प्रत्याशी मैदान में उतारा है। अब यह तो मतगणना के दिन ही पता लग पाएगा कि क्या बसपा पहाड़ के प्रत्याशी के नाम पर मतों की संख्या बढ़ा पाएगी या नहीं।

कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने वाले नेताओं पर करण माहरा का तंज! बोले- गंदगी थे पार्टी साफ हो गई

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उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव 2024 की सरगर्मियां तेज हैं। मतदान के पहले नेताओं के दल बदल का खेल भी चल रहा है। हालांकि इस दल बदल के खेल में प्रदेश के अंदर कांग्रेस को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता पार्टी का हाथ छुड़ाकर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। वहीं कांग्रेस छोड़कर जा रहे नेताओं को लेकर उत्तराखंड में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने बड़ा बयान दिया।

करण माहरा का कहना है कि जो लोग कांग्रेस छोड़कर जा रहे हैं वह एक तरीके से पार्टी में गंदगी फैलाने का काम कर रहे थे। इसीलिए उनके जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि कभी-कभी सफाई की आवश्यकता भी होती है। करण माहरा ने तर्क देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति पूरे दिन काम करता है। उसके बाद घर जाकर विश्राम करता है और सवेरे स्नान करता है। सुबह स्नान करते समय शरीर के लिए कई गैर जरूरी चीजें बाहर जाती हैं जो शरीर के लिए उपयोगी नहीं हैं। इसी तरह किसी के पार्टी छोड़ने से कोई खराब परिणाम नहीं आते हैं बल्कि नई चीजें अपनी जगह लेने लगती हैं। इसलिए कोई परेशानी की बात नहीं है। पार्टी को अच्छे लोग और आइडियोलॉजी से जुड़े लोगों की जरूरत है। बता दें कि कांग्रेस को ताजा झटका हरिद्वार लोकसभा सीट लगा है। यहां आज तीन अप्रैल बुधवार को ही कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता बीजेपी में शामिल हुए हैं। कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने वाले नेताओं में वो भी शामिल हैं जिन्हें हरीश रावत का करीबी कहा जाता था। जिस तरह 19 अप्रैल के मतदान से पहले कांग्रेस के नेता पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं उससे पार्टी को चुनावों में अच्छा खासा नुकसान हो सकता है।

 

जाते-जाते जनसैलाब को अपना दीवाना बना गए मोदी

मंगलवार को चुनावी जनसभा को संबोधित करने के बाद किसी को नहीं पता था कि आखिरकार पीएम मोदी जाते-जाते जनसैलाब को अपना दीवाना बना डालेंगे। सुबह से पीएम मोदी की एक झलक पाने को आतुर कार्यकर्ता व जनसैलाब ने भी नहीं सोचा था कि वापस जाते समय पीएम मोदी गाड़ी से बाहर निकलकर लोगों का अभिनंदन करेंगे। जिसे देखकर एसपीजी भी हैरान रह गई और आनन-फानन में एसपीजी ने मोदी की कार को सुरक्षा घेरे में ले लिया।

मंगलवार की दोपहर बारह बजकर बीस मिनट पर पीएम मोदी का काफिला आया और तेज रफ्तार काफिला कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा। उस वक्त भीड़ के आने का सिलसिला जारी था और जनसैलाब कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पाया था। जब मोदी का भाषण प्रारंभ हुआ तो भीड़ भी आनी शुरू हो गयी। इसके बाद लोग मोदी की एक झलक पाने को मार्ग में बने डिवाइडर पर खड़े हो गये। अपने संबोधन के बाद पीएम मोदी का काफिला कार्यक्रम स्थल से बाहर निकला। इस दौरान पहले पीएम ने गाड़ी में बैठे-बैठे ही हाथ हिलाकर लोगों को अभिनंदन किया। इसके बाद सौ मीटर दूर जाने के बाद अचानक गाड़ी का दरवाजा खोला तो गाड़ी की गति धीमी हो गई और मोदी ने खड़े होकर हाथ हिलाकर जनसैलाब को अभिनंदन करना शुरू कर दिया। जिसे देखकर जहां भीड़ बेकाबू हो गई और बैरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश करनी लगी। इसके बाद चीते की तरह एसपीजी कमांडो ने गाड़ियों से कूदकर पीएम मोदी की गाड़ी को घेर लिया। इसके बाद पीएम मोदी ने डीडी चौक तक रोड शो कर सभी को हैरान कर दिया, क्योंकि पिछले चुनावी जनसभा के दौरान पीएम ने आने के दौरान रोड शो किया था।

कांग्रेस प्रत्याशी जोशी के साथ काशीपुर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष आर्य! कार्यकर्ताओं में भरा जोश, मिशन 2024 में जुटने का किया आहवान

मिशन 2024 को लेकर कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर कार्य करना शुरू कर दिया है। इस दौरान पार्टी के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने का काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज नैनीताल-उधम सिंह नगर लोक सभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश जोशी ने क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। लोकसभा चुनाव में जीत का परचम लहराने के लिए कार्यकर्ताओं में जोश, उत्साह और उमंग का संचार किया। इस मौके पर काशीपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय नव चेतना भवन में एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, आदेश चौहान आदि उपस्थित रहे। इस मौके पर पार्टी पदाधिकारियों ने भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों और कार्यशैली पर जमकर प्रहार किया। कहा कि भाजपा सरकार में बढ़ रही महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिला अत्याचार तथा लचर कानून व्यवस्था से आम जनता काफी परेशान और त्रस्त है। जिसका जवाब जनता इस चुनाव में जरूर देगी।