हरिद्वार। देवभूमि उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा अब अपने चरम की ओर बढ़ रही है। शिवभक्तों के स्वागत में मंगलवार को भव्य नजारा देखने को मिला, जब कांवड़ यात्रियों पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं शिवभक्त कांवड़ियों के चरण धोकर उनका सम्मान किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। पूरे कांवड़ मार्ग पर 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री के इस स्वागत को आस्था और सम्मान का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रत्येक शिवभक्त की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। इधर, कांवड़ मेले के सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल कनखल स्थित बैरागी कैंप भी डाक कांवड़ यात्रियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हो चुका है। पंचक समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में डाक कांवड़ यात्रियों के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। प्रशासन का अनुमान है कि अगले पांच दिनों में लाखों श्रद्धालुओं और हजारों वाहनों की आवाजाही के चलते बैरागी कैंप पूरी तरह गुलजार रहेगा। हर वर्ष डाक कांवड़ यात्रियों का सबसे बड़ा पड़ाव बनने वाले बैरागी कैंप में इस बार भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। जलाभिषेक से लगभग पांच दिन पहले हजारों डाक कांवड़िए अपने वाहनों के साथ यहां पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने विशाल पार्किंग स्थलों को तैयार कर लिया है और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। पुलिस ने बैरागी कैंप, पार्किंग स्थलों और निकासी मार्गों पर बैरिकेडिंग का कार्य लगभग पूरा कर लिया है। लक्सर-जगजीतपुर की ओर से आने वाले डाक कांवड़ वाहनों को पहले बैरागी कैंप में पार्क कराया जाएगा। इसके बाद उन्हें शंकराचार्य चौक और सिंहद्वार मार्ग से आगे रवाना किया जाएगा, ताकि शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना न करना पड़े। श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कैंप क्षेत्र में अस्थायी शिविरों और बाजारों की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। पूजा सामग्री, प्रसाद, खाने-पीने की वस्तुओं और अन्य आवश्यक सामान की दुकानें सज चुकी हैं। इसके अलावा रात के समय यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पूरे क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई है। पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं को भी पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि डाक कांवड़ यात्रियों के वाहनों की आवाजाही को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। बैरागी कैंप सहित पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे। प्रशासन का मानना है कि आने वाले दो से तीन दिनों में डाक कांवड़ यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। इसी को देखते हुए सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा, मुख्यमंत्री द्वारा कांवड़ियों के चरण पखारकर किए गए स्वागत और प्रशासन की व्यापक तैयारियों ने इस बार की कांवड़ यात्रा को विशेष बना दिया है। हरिद्वार पूरी तरह शिवमय वातावरण में डूब चुका है और लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार खड़ा है।

