Monday, April 15, 2024
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चारधाम यात्रा के पौराणिक मार्ग को किया गया पुनर्जीवित, दर्जनभर से अधिक गांवों की आर्थिकी को मिली संजीवनी।

ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन से शुरू हुई गंगा पथ यात्रा का समापन गंगा संगम स्थल देवप्रयाग में हुआ। यहां पहुंचे गंगा पथ यात्रियों ने गंगा आरती कर यात्रा का समापन किया। यात्रा का उद्देश्य चारधाम यात्रा के पौराणिक मार्ग को पुनर्जीवित करना था। गंगा पथ यात्रा जब विभिन्न पड़ावों से होते हुए बंदरचट्टी पहुॅची तो यहॉ यात्रा में शामिल विदेशी यात्रियों का स्थानीय लोगों द्वारा फूल मालाओं के साथ स्वागत किया गया। वहीं इस पैदल गंगा पथ यात्रा में विदेशी यात्रियों के साथ, अन्य श्रद्वालुओं व बच्चों का भी उत्साह देखने को मिला। डीएम पौड़ी डॉ आशीष चौहान खुद यात्रा में शामिल रहे, इस दौरान यात्रीयों ने 19 किमी का पैदल ट्रेक भी किया। जिलाधिकारी पौड़ी डॉ आशीष चौहान ने बताया कि यात्रियों और पर्यटकों को यहां की संस्कृति और रीति रिवाज से रूबरू कराने के लिए इस मार्ग को फिर से संचालित किया जा रहा है। इस यात्रा पथ के पुनः संचालित होने से यहॉ के गांवों में फिर से आर्थिकी लौट के आएगी। जिससे यहां के स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा साथ ही पयर्टक प्रकृति के बीच रहकर यात्रा का आनंद उठा सकेंगे। बताया कि भविष्य में देवप्रयाग से आगे श्रीनगर तक भी इस यात्रा पथ को विकसित किया जायेगा। वहीं फिर से पौराणिक चारधाम यात्रा मार्ग को मुख्यधारा में लाने के प्रयास को पर्यटन व्यसाय से जुड़े लोग काफी सराह रहे हैं साथ ही यात्रीयों को भी यह मार्ग खासा पसंद आ रहा है।

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