युवा प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई की जांच की कांग्रेस नेताओं ने उठाई मांग

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। नई दिल्ली में छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को डिटेन किए जाने की जानकारी सामने आई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं के साथ कथित तौर पर बल प्रयोग किया गया। पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि NEET और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं और सरकार को इन मुद्दों पर संसद में गंभीर चर्चा करनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगने उनके आवास की ओर मार्च कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक दिन पहले छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई की जिम्मेदारी लेने से बच रही है और इस मुद्दे पर संसद में चर्चा भी नहीं कराना चाहती। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि यदि बड़ी संख्या में छात्र किसी परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो सरकार को उनके साथ संवाद करना चाहिए और उनकी शिकायतों का समाधान निकालना चाहिए।

सरकार की ओर से बातचीत के लिए पहुंचे जितेंद्र सिंह और गृह सचिव
इसी बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। जितेंद्र सिंह के मुताबिक, सरकार की ओर से उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को कांग्रेस नेताओं से बातचीत के लिए भेजा गया था। उन्होंने कहा कि नेताओं से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया गया, क्योंकि जिस स्थान पर प्रदर्शन किया जा रहा था, वहां धरने के कारण आम लोगों को असुविधा हो रही थी। जितेंद्र सिंह के अनुसार, बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने मांग रखी कि यदि सरकार NEET और उससे जुड़े आंदोलन के सभी विषयों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, तो वह अपना धरना समाप्त कर देंगे। केंद्रीय मंत्री का दावा है कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति लेने के बाद राहुल गांधी को संसद में इन मुद्दों पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया गया। हालांकि, जितेंद्र सिंह के मुताबिक इसके बाद राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी सामने रख दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले केवल संसद में चर्चा की मांग की गई थी, लेकिन बाद में मांगों में बदलाव कर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को भी शामिल कर लिया गया। केंद्रीय मंत्री ने इसे लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार NEET और उससे जुड़े आंदोलन के सभी विषयों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है।

कांग्रेस का आरोप—छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों को केवल कानून-व्यवस्था का विषय मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पार्टी का आरोप है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मामलों ने पहले ही युवाओं के बीच असुरक्षा और अविश्वास का माहौल पैदा कर दिया है। ऐसे में आंदोलन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई से स्थिति और गंभीर हुई है। कांग्रेस ने मांग की कि छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए।

संजय सिंह ने कांग्रेस पर साधा निशाना, आंदोलन कमजोर करने का लगाया आरोप
इस पूरे घटनाक्रम के बीच आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कांग्रेस पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस का प्रदर्शन जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन को कमजोर कर सकता है। संजय सिंह ने कहा कि सोनम वांगचुक के नेतृत्व में युवाओं का आंदोलन चल रहा है और ऐसे समय में विपक्षी दलों को छात्रों के आंदोलन के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि वह जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल होने की अपील क्यों नहीं कर रही है।