Saturday, May 25, 2024
spot_img

बिजली की कटौती से जूझना पड सकता है प्रदेश की जनता को।

बिजली कटौती से अबी प्रदेश की जनता को और जूझना पड सकता है, क्योकि मई में जैसे-जैसे बिजली की मांग बढ़ेगी, वैसे ही कटौती भी शुरू हो सकती है। वर्तमान में प्रदेश में बिजली की मांग और उपलब्धता का आंकड़ा बराबर है।
हर साल इन दिनों 80 से 90 लाख यूनिट बिजली यूजेवीएनएल से मिलती थी, उसका आंकड़ा इन दिनों 50 लाख के आसपास है। इस वजह से 30 लाख यूनिट अतिरिक्त का बोझ यूपीसीएल पर बन गया है। इसके बावजूद यूपीसीएल ने फिलहाल सभी माध्यमों से करीब 4.3 करोड़ यूनिट बिजली का इंतजाम किया है। इतनी ही मांग भी चल रही है। मई में बिजली की मांग और बढ़ सकती है। अब इससे आगे जितना भी मांग का आंकड़ा बढ़ेगा, उतना ही यूपीसीएल के लिए चिंता भी बढ़ती चली जाएगी। जितनी भी मांग बढ़ेगी, उतना ही आपूर्ति में परेशानी होगी। बाजार से महंगी बिजली खरीद के अलावा अब यूपीसीएल के पास शॉर्ट टर्म टेंडर का ही विकल्प बचा हुआ है।अगर मई में 5 करोड़ यूनिट तक मांग पहुंची तो यूपीसीएल को मजबूरन दोबारा कटौती शुरू करनी पड़ेगी।

Related Articles

- Advertisement -spot_img

ताजा खबरे