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धार्मिक नगरी में विकास का ऐतिहासिक दिन: हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन के बाद धामी कैबिनेट की पहली बैठक, 13 प्रस्तावों पर मुहर

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हरिद्वार। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने 'कैबिनेट ऑन व्हील्स' (जिलेवार कैबिनेट बैठकों) की अपनी अनूठी पहल को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को धर्मनगरी हरिद्वार में एक ऐतिहासिक बैठक संपन्न की। हरिद्वार स्थित केंद्रीय मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) के सभागार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित इस मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इन प्रस्तावों में स्वास्थ्य, आवास और शहरी विकास से जुड़े कई अहम फैसले शामिल हैं।

हरिद्वार में सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। हरकी पैड़ी पर मां गंगा की पूजा-अर्चना के बाद केंद्रीय मेला नियंत्रण भवन के सभागार में हुई इस बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। स्वास्थ्य, आवास और शहरी विकास समेत विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मंत्रिमंडल ने निर्णय लिए। बैठक में हरिद्वार को दूसरा मेडिकल कॉलेज मिलने और ईएसआई मेडिकल कॉलेज से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री वीरता पुरस्कार से जुड़े प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई। हरिद्वार में आयोजित यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर धर्मनगरी में व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने हरकी पैड़ी पहुंचकर पूजा-अर्चना की और कुंभ मेले के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन की कामना की। इस दौरान प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सबसे पहले हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा की पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह केंद्रीय मेला नियंत्रण भवन पहुंचे, जहां मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया और कुल 13 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। हरिद्वार में कैबिनेट बैठक आयोजित करने को कुंभ की तैयारियों के बीच प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, सभी 13 प्रस्तावों के विस्तृत ब्योरे और उनके क्रियान्वयन की शर्तों की पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही फैसलों के व्यापक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा। बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े फैसलों में हरिद्वार को दूसरा मेडिकल कॉलेज मिलने से संबंधित प्रस्ताव प्रमुख रहा। इसके साथ ही ईएसआई मेडिकल कॉलेज से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इन निर्णयों से स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे की गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मेडिकल कॉलेजों से संबंधित प्रस्तावों की स्वीकृति के बाद उनके निर्माण, संचालन, उपलब्ध सुविधाओं और समयसीमा का विस्तृत विवरण सामने आना बाकी है। ऐसे में इन फैसलों का वास्तविक लाभ कब और किस रूप में मिलेगा, यह आगे की कार्यवाही पर निर्भर करेगा। मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री वीरता पुरस्कार से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इस फैसले से जुड़े पात्रता मानकों और अन्य विवरणों की जानकारी मिलने के बाद इसकी पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत चंपावत में बैठक आयोजित की जा चुकी है, जबकि अब हरिद्वार में दूसरी बैठक हुई। जिले स्तर पर कैबिनेट बैठक आयोजित करने का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों और विकास से जुड़े विषयों पर ध्यान केंद्रित करना है। हरिद्वार में बैठक का आयोजन कुंभ मेले की तैयारियों के लिहाज से भी अहम रहा। कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की आवाजाही, यातायात, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में धर्मनगरी में सरकार की बैठक से संबंधित विभागों के निर्णयों पर लोगों की निगाहें बनी हुई हैं। प्रदेश सरकार को आगामी विधानसभा सत्र 30 अक्टूबर से पहले आहूत करना है। ऐसे में मंत्रिमंडल के निर्णयों और आगामी विधायी कार्यवाही को लेकर भी चर्चा तेज है। हरिद्वार में बैठक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। वहां उनकी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ प्रदेश की विभिन्न योजनाओं को लेकर बैठक प्रस्तावित है। फिलहाल, हरिद्वार की कैबिनेट बैठक में 13 प्रस्तावों को मिली मंजूरी सरकार के आगामी कार्यों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब इन फैसलों के विस्तृत विवरण, क्रियान्वयन और धरातल पर उनके परिणामों पर नजर रहेगी।