देहरादून। उत्तराखंड के नारी निकेतनों में रह रही महिलाओं की मानसिक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सभी नारी निकेतनों में मनोचिकित्सकों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
यह निर्णय केदारपुर स्थित नारी निकेतन में एक संवासिनी की आत्महत्या की घटना के बाद लिया गया। मंत्री रेखा आर्या ने मौके पर पहुंचकर घटना की विस्तृत जानकारी ली और परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नारी निकेतन की अधीक्षिका, कर्मचारियों और शव बरामद करने वाले चौकीदार से भी पूछताछ की। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नारी निकेतन के सभी हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, उनकी नियमित लाइव मॉनिटरिंग की जाए और रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मानसिक रूप से अस्वस्थ संवासिनियों की देखभाल के लिए विशेषज्ञों की जरूरत है, इसलिए मनोचिकित्सकों की नियुक्ति अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय सचिव और निदेशक को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग को सक्रिय रूप से जोड़कर महिलाओं के उपचार और देखभाल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इस कदम को नारी निकेतनों में रह रही महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।