देहरादून। राज्य में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने, उत्पादकता में सुधार करने और किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा खाका तैयार किया है। सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में भारत सरकार की 'दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता' योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान प्रदेश में दालों के उत्पादन को रफ्तार देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में उत्पादित दलहन फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद सुनिश्चित की जाए। इसके लिए नैफेड और एनसीडीसी के माध्यम से खरीद प्रक्रिया संचालित करने का प्रस्ताव जल्द से जल्द भारत सरकार को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। इस कदम से राज्य के किसानों को उनकी उपज का सही और सुरक्षित दाम मिल सकेगा। बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य में दलहन की उत्पादकता को बढ़ाकर 12 कुंतल प्रति हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए कृषि विभाग उन्नत किस्म के बीज, आधुनिक कृषि तकनीक, फसल प्रदर्शन और किसानों को निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे। उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार से न केवल किसानों को आर्थिक लाभ होगा, बल्कि राज्य में प्रोटीन की उपलब्धता भी बढ़ेगी, जिससे पोषण सुरक्षा और स्वस्थ मानव संसाधन के निर्माण में मदद मिलेगी। किसान उत्पादक संगठनों को अधिक मजबूत और सक्रिय बनाने के लिए शासन स्तर पर एक 'विशेष सेल' का गठन किया जाएगा। मुख्य सचिव के अनुसार, संगठित किसान समूहों के माध्यम से उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन (मार्केटिंग) और वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) को नई दिशा दी जा सकती है। इसके अलावा, राज्य में स्थानीय स्तर पर दलहन प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जिससे किसानों को स्थानीय स्तर पर ही अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि केंद्र सरकार की यह महत्वपूर्ण परियोजना वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक संचालित की जाएगी। उत्तराखंड के लिए इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर केंद्र सरकार को पहले ही भेजी जा चुकी है। इस योजना के तहत राज्य में मुख्य रूप से उड़द, अरहर और मसूर की खेती को प्राथमिकता दी गई है। योजना के माध्यम से बीज उत्पादन से लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

