Mar 25, 2026

निक्षय मित्र बने समाज का गौरव: टीबी रोगियों की सेवा करने वालों को राजभवन में मिला सम्मान।

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देहरादून। उत्तराखंड में टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए 100 दिवसीय सघन टीबी उन्मूलन अभियान की शुरुआत हो गई है। गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल) ने लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में इस अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने टीबी मरीजों तक सेवाएं पहुंचाने के लिए मोबाइल वैन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम में राज्यपाल ने टीबी रोगियों को गोद लेकर उनकी नियमित निगरानी और मानसिक सहयोग देने वाले ‘निक्षय मित्रों’ को सम्मानित किया। इसके साथ ही टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले देहरादून, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों को भी पुरस्कृत किया गया। टीबी से स्वस्थ हुए ‘टीबी चैंपियनों’ का भी उत्साहवर्धन किया गया। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल सरकारी प्रयासों से टीबी उन्मूलन संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि टीबी से ठीक हुए लोग समाज के लिए प्रेरणा बन सकते हैं और जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने इस 100 दिवसीय अभियान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस अवधि में ठोस लक्ष्य निर्धारित कर उनकी जवाबदेही तय करनी होगी। “हर दिन महत्वपूर्ण है और छोटे-छोटे प्रयासों से ही बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं,” उन्होंने कहा। राज्यपाल ने यह भी माना कि जागरूकता की कमी टीबी उन्मूलन की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, जिसे दूर करना जरूरी है। इस अवसर पर सुबोध उनियाल ने कहा कि आज भी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग इस बीमारी से अधिक प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक अभाव के कारण टीबी का शिकार न बने। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को टीबी उन्मूलन और जागरूकता की शपथ दिलाई गई। सरकार को उम्मीद है कि जनसहभागिता और सतत प्रयासों से उत्तराखंड जल्द ही टीबी मुक्त राज्य बनने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करेगा।