इंदौर। देशभर में चर्चित रहे राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। इस मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को शिलांग की अदालत से जमानत मिल गई है। लंबे समय से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद सोनम को राहत मिलने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। गौरतलब है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड में शिलांग पुलिस ने सोनम रघुवंशी सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इससे पहले भी इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। अब मुख्य आरोपी को जमानत मिलने से मामले की दिशा और चर्चाएं दोनों तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी मई 2025 में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद दोनों हनीमून मनाने के लिए इंदौर से मेघालय के शिलांग गए थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद दोनों के अचानक लापता होने की खबर सामने आई, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया। लंबी तलाश के बाद 2 जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव शिलांग की एक घाटी से बरामद हुआ। इस घटना के बाद मामला हत्या में तब्दील हो गया और पुलिस ने जांच तेज कर दी। जांच के दौरान मिले सबूतों और परिस्थितियों के आधार पर सोनम रघुवंशी को मुख्य आरोपी माना गया। इसके बाद 9 जून 2025 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से सोनम को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर शिलांग ले जाया गया, जहां वह तब से जेल में बंद थी। अब अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के बाद इस मामले को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। कानूनी जानकारों का कहना है कि जमानत का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है, बल्कि यह सुनवाई के दौरान मिली अस्थायी राहत होती है। फिलहाल पीड़ित परिवार की नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस बहुचर्चित मामले के अंतिम फैसले की दिशा तय होगी।
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