Apr 21, 2026

मंगलवार का भूकंप: बागेश्वर में जान-माल की कोई हानि नहीं, तहसील स्तर पर रिपोर्ट तैयार

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उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भूगर्भीय हलचल का सिलसिला जारी है। मंगलवार सुबह जनपद बागेश्वर में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। हालांकि, रिक्टर स्केल पर तीव्रता कम होने के कारण किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन अचानक आए झटके से लोग एहतियातन अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए।

जिला आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह 10 बजकर 06 मिनट और 47 सेकंड पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.6 मापी गई। भूकंप का केंद्र बागेश्वर जिला ही रहा, जो जमीन के भीतर लगभग 5 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। इसका सटीक स्थान 30.018 अक्षांश और 79.960 देशांतर पर दर्ज किया गया है। भले ही भूकंप की तीव्रता कम थी, लेकिन जमीन के नीचे हुई हलचल को लोगों ने साफ महसूस किया। जिला मुख्यालय सहित आसपास की तहसीलों में जैसे ही झटके महसूस हुए, अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग "भूकंप-भूकंप" चिल्लाते हुए खुले मैदानों और सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। विशेषकर बहुमंजिला इमारतों और बाजारों में मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए डर का माहौल देखा गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि भूकंप का केंद्र बागेश्वर ही था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी तहसील या सुदूरवर्ती गांव से किसी प्रकार के नुकसान या क्षति की कोई खबर नहीं मिली है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें सभी क्षेत्रों से फीडबैक ले रही हैं और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड 'सिस्मिक ज़ोन' में स्थित है, इसलिए यहां हल्के झटके आना सामान्य प्रक्रिया है। कम तीव्रता के भूकंप से आमतौर पर नुकसान नहीं होता, लेकिन भविष्य की सुरक्षा के लिए लोगों को हमेशा सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।