Friday, April 19, 2024
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नैनीताल : श्री राम एक नाम नही संस्कृति है यह नाम सुंदर और आकर्षक- प्रो. तिवारी

नैनीताल ::- श्री राम एक नाम नही संस्कृति है यह नाम सुंदर और आकर्षक है । राम नाम का अर्थ भगवान राम जिसका अर्थहाई श्रेष्ठ आत्मा। इस शब्द का प्रभाव राम नाम के व्यक्ति के स्वभाव में भी दिखाई देता है। भगवान राम को रघुनंदन, रमण, रामरज, रामकिशोरे, रामजी, रमित, रमेश, रामदेव, रामदास, रामचरण, रामचंद्रा, रामाया, रामानंद, रमोजी जैसे नाम से भी पुकारा जाता है राम में रम् का अर्थ है रमना या निहित होना और घम का अर्थ है ब्रह्मांड का खाली स्थान। इस प्रकार राम का अर्थ सकल ब्रह्मांड में निहित या रमा हुआ तत्व यानी चराचर में विराजमान स्वयं ब्रह्म। इसलिए कहा गया है “रमन्ते योगिनः अस्मिन सा रामं उच्यते” अर्थात, योगी ध्यान में जिस शून्य में रमते हैं उसे राम कहते हैं।
गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा:
करऊँ कहा लगि नाम बड़ाई।
राम न सकहि नाम गुण गाई ।।
स्वयं राम भी ‘राम’ शब्द की व्याख्या नहीं कर सकते,ऐसा राम नाम है। ‘राम’ विश्व संस्कृति के अप्रतिम नायक है। वे सभी सद्गुणों से युक्त है। वे मानवीय मर्यादाओं के पालक , संवाहक है । सामाजिक जीवन में आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श पति, आदर्श शिष्य है । राम
शब्द में दो अर्थ व्यंजित हैं,
सुखद होना..! और ठहर जाना..! और वो राम में अंतर्निहित है वर्तमान।व्याहातिकता में जो राम में समाहित है वो राम ही है
आराम..!
विराम..!
विश्राम..!
अभिराम..!
उपराम..!
ग्राम..!
अशांत मन जिस आनंददायक गंतव्य की तलाश करे वो गंतव्य है राम..!
दुःख में,
हे राम..!
पीड़ा में
हे राम..!

लज्जा में,
हाय राम..!
अशुभ में,
अरे राम राम..!
अभिवादन में,
राम राम..!
शपथ में,
रामदुहाई..!
अज्ञानता में,
राम जाने..!
अनिश्चितता में,
राम भरोसे..!
अचूकता के लिए,
रामबाण..!
मृत्यु के लिए,
रामनाम सत्य..!
सुशासन के लिए,
रामराज्य..!
राम इतने सरल हैं कि हर जगह खड़े हो जाते हैं। जिसका कोई नहीं उसके राम ही हैं-
निर्बल के बल राम..! राम कथा अतुलनीय है राम पुनर्नवा है
हमारे भीतर जो कुछ भी अच्छा है, वह राम है।
जो शाश्वत है, वह राम हैं। सब-कुछ लुट जाने के बाद जो बचा रह जाता है वही तो राम है।
निराशा के बीच जो उठ खड़ा होता है वह भी राम ही है।
जीवन को पहचाना हो तो राम ,मानव बनना तो श्री राम ।मोक्ष दाई श्री राम । राम आप अशीम हो ,जीवन का अमृत हो , जीवन का विधान हो । राम नाम जीवन के दुखो को हरता है नई ऊर्जा देता है ।।राम नाम ही जीवन का अमृत है ।राम की लीला है न्यारी ,राम नाम सदा सुखदाई हितकारी है। कभी न हारने वाला है ।

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