Monday, May 20, 2024
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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत की पहली सेलाइन वाटर लालटेन का किया शुभारम्भ,तटीय रेखा से सटे इलाकों में रहने वाले मछुआरा समुदाय के लिए होगी फायदेमंद

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत की पहली सेलाइन वाटर लालटेन का शुभारम्भ किया, जो एलईडी लैंप को रोशन करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए इलेक्ट्रोड्स के बीच इलेक्ट्रोलाइट के रूप में समुद्र के पानी का उपयोग करता है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने तटीय अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईओटी), चेन्नई द्वारा संचालित और उपयोग किए जाने वाले एक तटीय अनुसंधान पोत सागर अन्वेषिका के भ्रमण के दौरान अपनी तरह की पहली“रोशनी” नाम के लानटेन का अनावरण किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सेलाइन वाटर लालटेन से गरीब और वंचित लोगों विशेषकर भारत की 7,500 किमी बी तटीय रेखा से सटे इलाकों में रहने वाले मछुआरा समुदाय के लिए “जीवन सुगमता”आएगी।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सेलाइन वाटर लालटेन से 2015 में देश भर में एलईडी बल्बों के वितरण के लिए शुरू हुई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उजाला योजना को प्रोत्साहन मिलेगा और यह इस योजना के लिए पूरक का काम करेगी। उन्होंने कहा किरोशनी लैम्प के साथ-साथ विद्युत मंत्रालय की सोलर ड्यूटी लैम्प्स जैसी योजनाओं का लक्ष्य ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा पहुंच हासिल करना और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की कार्बन फुटप्रिंट कम करना है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि इस प्रौद्योगिकी को दूरदराज के क्षेत्रों में भी उपयोग किया जा सकता है, जहां समुद्र का पानी उपलब्ध नहीं है क्योंकि किसी भी खारे पानी या सामान्य नमक के साथ मिश्रित पानी को लालटेन को रोशन करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह न सिर्फ किफायती है, बल्कि इसे संचालित करना भी खासा आसान है। केंद्रीय मंत्री ने रोशनी लैम्प के अविष्कार के लिए एनआईओटी के दल की सराहना की और इस बहु उद्देश्यीय लैम्प के व्यापक उत्पादन के लिए इस प्रौद्योगिकी को उद्योग को हस्तांतरित करने की सलाह दी है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के साथ ही आपदा के दौर में पर्याप्त मदद मिल सकती है।

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