Monday, April 15, 2024
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उत्तर पूर्वी क्षेत्र के प्रमुख अस्पतालों में केन्द्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने चिकित्सा विभाग का आह्वान किया

असम – केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग तथा आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के साथ आज यहां उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के राज्यों की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक का औपचारिक उद्घाटन किया। इस बैठक में असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, सिक्किम, त्रिपुरा के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ मेघालय, नगालैंड के साथ अन्य राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर केंद्रीय आयुष और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. महेन्द्र भाई मुंजापारा, आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और मंत्रालय, राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

केन्द्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज यहां उत्तर-पूर्वी क्षेत्र राज्यों की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान, सभी प्रतिभागी राज्यों- असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा ने आयुष की स्थिति और कार्यान्वयन के तहत प्रमुख आयुष कार्यक्रमों की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं। विचार-मंथन सत्र में चर्चा में अरुणाचाल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री अलो लिबांग, मणिपुर के डॉ. सपम रंजन सिंह, मिजोरम के डॉ. आर लालथंगलियाना, सिक्कम के कुंगा नीमा लेप्चा और त्रिपुरा के वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघ रॉय ने भी भाग लिया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि आज हमने देश में आयुष चिकित्सा प्रणाली के प्रचार और प्रसार पर बहुत सार्थक चर्चा की। दुनिया के बाकी हिस्सों के साथ, हमारे सुंदर हिमालयी क्षेत्र में चिकित्सा की पारंपरिक प्रणाली का महत्व और लोकप्रियता काफी बढ़ गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के सदियों पुराने और सिद्ध लाभों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। मोदी जी ने न केवल भारत में पारंपरिक चिकित्सा के उपयोग को प्रोत्साहित किया है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा समाधानों की एक समग्र श्रृंखला विकसित करने के लिए आधुनिक चिकित्सा के साथ पारंपरिक चिकित्सा में निवेश, नवाचार और एकीकरण करने के लिए एक वैश्विक अभियान का भी नेतृत्व किया है। इसी भावना के साथ मैं उत्तरी-पूर्व भारत के सभी राज्यों से आह्वान करना चाहूंगा कि वे मोदी जी के मार्गदर्शन में सभी 19 एम्स में इसी तरह के विभागों की स्थापना के अनुरूप अपने सभी प्रमुख राज्य अस्पतालों में एकीकृत आयुष विभाग स्थापित करने की संभावनाओं को तलाशें। आज, हमें अपने सभी प्रमुख राज्य अस्पतालों में एकीकृत चिकित्सा विभागों की स्थापना के लिए एक अभियान शुरू करने का यह अनूठा अवसर प्रदान किया है, जिससे पूरे देश द्वारा अनुकरण की जाने वाली एकीकृत चिकित्सा की अवधारणा को लोकप्रिय और कार्यान्वित किया जा सकें। हम पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को और बढ़ावा देकर मोदी जी के दृष्टिकोण को साकार कर सकते हैं और आयुष के नेतृत्व वाले आर्थिक विकास का केंद्र बन सकते हैं, खासकर हमारे देश के हिमालयी क्षेत्र में रोजगार और व्यापार को बढ़ावा दे सकते हैं। विचार-विमर्श के दौरान, अरुणाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अलो लिबांग ने कहा कि राज्य हिमालयी राज्य में पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए आयुष स्वास्थ्य सेवा के लिए एक पूरी तरह से विकसित निदेशालय की स्थापना करने की योजना बना रहा है। लोकटक झील के मध्य में एक स्पेशल पंचकर्म सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव था, जैसा कि मणिपुर के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सपम रंजन सिंह ने पुष्टि की है। मिजोरम के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. आर. लालथंगलियाना ने पारंपरिक चिकित्सा के लाभ की सराहना की और बताया कि कैसे आयुष ग्राम पहल और जन आरोग्य समिति राज्य में आयुष चिकित्सा प्रणाली को लोकप्रिय बना रही है।

आयुष मंत्रालय राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) की केन्द्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) के माध्यम से राज्यों द्वारा उनकी संबंधित राज्य वार्षिक कार्य योजनाओं (एसएएपी) के माध्यम से प्रस्तावित विभिन्न कार्यकलापों के कार्यान्वयन के लिए राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश सरकारों के प्रयासों में सहायता कर रहा है। राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) आयुष मंत्रालय, भारत सरकार की प्रमुख योजना है|

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