Thursday, February 9, 2023
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फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी को मरणोपरांत मिला पुलित्जर अवॉर्ड, जानिए जर्नलिज्म का ऑस्कर कहे जानें वाले इस पुलित्जर अवॉर्ड के बारे में, आखिर कब, कैसे और किसने की इसकी शुरूआत

नई दिल्ली। दिवंगत फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी समेत चार भारतीयों को फीचर फोटोग्राफी श्रेणी में पत्रकारिता में मिलने वाले प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया गया है। गौरतलब हो की दानिश सिद्दीकी की पिछले साल जुलाई में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता पर कब्जे के दौरान हुए संघर्ष की कवरेज के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार के लिए दानिश सिद्दीकी और उनके अन्य साथी अदनान आबिदी, सना इरशाद मट्टू और अमित दवे को चुना गया है।

पहले भी मिल चुका हैं पुलित्जर सम्मान
फोटो जर्नलिस्ट दानिश को दूसरी बार यह सम्मान मिला हैं। दानिश को पहली बार 2018 में रोहिंग्या संकट के कवरेज के लिए रॉयटर्स टीम के हिस्से के रूप में इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

जामिया से हासिल की थी डिग्री
दानिश सिद्दीकी ने दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में स्नातक किया था। इसके बाद उन्होंने जामिया के ही एजेके मास कम्यूनिकेशन रिसर्च सेंटर से 2007 से डिग्री ली थी। जिसके बाद उन्होंने अपना टीवी न्यूज चैनल में बतौर संवाददाता अपने करियर की शुरूवात की, जिसके बाद उन्होने फोटो जर्नलिस्ट के रूप में अपना काम शुरू किया।

क्यों दिया जाता हैं पुलित्जर अवॉर्ड
हंगरी निवासी समाचार पत्र प्रकाशक जोसेफ पुलित्जर के नाम पर यह महत्वपूर्ण पुरस्कार दिया जाता है। 29 अक्टूबर 1911 को जोसेफ की मृत्यु के बाद पहली बार पुलित्जर पुरस्कार 4 जून 1917 में दिया गया। उनकी याद में आज भी पुलित्जर पुरस्कार संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा दिया जाने वाला एक प्रमुख पुरस्कार है।

कैसे हुई थी इस पुरस्कर की शुरूआत
बता दें की 1904 में जोसेफ ने अपनी वसीयत तैयार की थी जिसमें उन्‍होंने पुलित्‍जर पुरस्‍कारों के शुरू करने से जुड़े कुछ प्रावधानों के बारे में बताया था। जिसमें उन्‍होंने लिखा था कि सर्वश्रेष्‍ठता को पुरस्‍कृत करने के तौर पर पुलित्‍जर पुरस्‍कार की शुरुआत की जानी चाहिए। जिसमें उन्होंने चार पुलित्‍जर अवॉर्ड जर्नलिज्‍म के लिए, चार ड्रामा, एक शिक्षा और 5 ट्रैवेलिंग स्‍कॉलरशिप्‍स के तौर पर देने का उल्लेख किया था। शुरुआत में तीन स्‍कॉलरशिप्‍स कोलंबिया यूनिवर्सिटी में जर्नलिज्‍म की फैकल्‍टी की सलाह पर ग्रेजुएशन करने वाले स्‍टूडेंट्स को दी जाती थी, जबकि 2 स्‍कॉलरशिप्‍स आर्ट और म्‍यूजिक के लिए होती थीं। लेकिन वर्तमान समय में 7500 अमेरिकी डॉलर की पांच स्‍कॉलरशिप्‍स कोलंबिया यूनिवर्सिटी में जर्नलिज्‍म से ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को मिलती हैं।

यह मिलता हैं पुरस्कार
यह पुरुस्कार कुल 21 श्रेणियों में दिया जाता हैं। इस पुरस्कार प्राप्त करने वाले विजेता को पुरस्कार के साथ-साथ एक प्रमाण-पत्र व 15,000 डॉलर की नकद राशि भी प्रदान की जाती है।

इन श्रेणियों में दिया जाता हैं सम्मान
यह पुरस्कार हर वर्ष आत्मकथा, कविता, फिक्शन, नाटक, इतिहास, जनसेवा एवं पत्रकारिता की अन्य विभिन्न श्रेणियों के विजताओं को प्रदान किया जाता है।

इन भारतियों को मिला पुलित्जर अवॉर्ड
अब तक भारतीय अमेरिकी लेखिका झुंपा लाहिड़ी, पत्रकार मेघा राजगोपाल, पत्रकार-लेखिका गीता आनंद, कैंसर चिकित्सक और शोधकर्ता सिद्धार्थ मुखर्जी, विजय शेषाद्री और नील बेदी को पुलित्जर अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका हैं।

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