Apr 12, 2026

देश भर में निर्दोष नागरिकों को गुमराह करने के लिए साइबर जालसाजों द्वारा बनाई गई असली जनगणना पोर्टल और नकली साइटों के बीच अंतर

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देशभर में जनगणना प्रक्रिया की शुरुआत के साथ ही साइबर ठगी के खतरे भी बढ़ गए हैं। ऐसे में जनगणना विभाग ने नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग ने साफ किया है कि स्व-गणना के लिए केवल एक ही आधिकारिक पोर्टल निर्धारित है और इसके अलावा किसी भी लिंक, मोबाइल एप या वेबसाइट पर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार, जनगणना के पहले चरण में स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए नागरिकों को केवल आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in का ही उपयोग करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति या मैसेज किसी अन्य लिंक या ऐप के जरिए जानकारी भरने को कहता है, तो यह साइबर ठगी का प्रयास हो सकता है। स्व-गणना के दौरान दर्ज किए गए मोबाइल नंबर पर ही ओटीपी प्राप्त होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति आपसे बैंक खाता, आधार नंबर या ओटीपी की जानकारी नहीं मांगेगा। यदि कोई ऐसा करता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं, क्योंकि यह धोखाधड़ी का संकेत है।

वहीं, 25 अप्रैल से जनगणना प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। इस दौरान भी लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। प्रगणक केवल 33 निर्धारित सवाल पूछेंगे और किसी भी प्रकार का दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक डिटेल या अन्य पहचान पत्र नहीं मांगेंगे। यदि आपने पहले ही स्व-गणना कर ली है, तो प्रगणक आपके उत्तरों का सत्यापन कर वापस चले जाएंगे। अन्यथा वे सीधे आपसे आवश्यक जानकारी लेकर प्रक्रिया पूरी करेंगे। खास बात यह है कि वे केवल मोबाइल नंबर दर्ज करेंगे, लेकिन उस पर कोई ओटीपी नहीं आएगा। प्रगणकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने उन्हें आधिकारिक आईडी कार्ड जारी किया है, जिसमें उनका नाम, फोटो और क्यूआर कोड मौजूद होगा। इस क्यूआर कोड को स्कैन कर उनकी जानकारी की पुष्टि की जा सकती है। जनगणना पूरी तरह निःशुल्क प्रक्रिया है। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध कॉल, मैसेज या गतिविधि सामने आती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने भी लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें और किसी भी अनजान लिंक या ऐप के झांसे में न आएं। सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।