Thursday, December 1, 2022
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नैनीतालः महिलाओं को क्षैतिज आरक्षण प्रदान किए जाने का मामला! हाईकोर्ट ने सरकार और लोक सेवा आयोग से मांगा जवाब

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा द्वारा जारी संशोधित कट-ऑफ अंक सूची को चुनौती देती याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकारी आदेश जिसमें निवास स्थान, अधिवास के आधार पर महिलाओं को क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया था, पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाते हुए राज्य और लोक सेवा आयोग को इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिए है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 11 अक्टूबर की तिथि नियत की है।
आपकों बता दे तो कि मेरठ निवासी सत्यदेव त्रिपाठी ने उच्च न्यायालय में पीसीएस द्वारा जारी संशोधित कट-ऑफ अंक सूची 22.09.2022 को चुनौती दी है याचिकाकर्ता का कहना है कि जब 2006 के सरकारी आदेश जिसमें निवास स्थान, अधिवास के आधार पर क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया था, पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा रोक लगा दी गई है, तो आरक्षित श्रेणियों की महिला उम्मीदवारों को ऐसा आरक्षण प्रदान करना माननीय का उल्लंघन है। डॉ. कार्तिकेय हरि गुप्ता ने बताया कि माननीय न्यायालय ने देखा है कि कट-ऑफ अंक सूची दिनांक 22.09.2022 अपने पहले के आदेशों के तहत अधिवास आधारित आरक्षण पर रोक लगा दी गई है इसलिए इसे यथावत रखा गया है।

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